अहमदाबाद प्लेन क्रैश: सुप्रीम कोर्ट ने पायलट की गलती वाली रिपोर्ट पर उठाए सवाल, DGCA और AAIB को नोटिस
Central News Desk: अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हादसे में यात्रियों, चालक दल और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 265 लोगों की मौत हुई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलट की गलती का संकेत दिया गया, लेकिन अदालत ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि जब तक नियमित जांच पूरी न हो, किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करना अनुचित है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा—
“मान लीजिए कल कोई कहता है कि X पायलट जिम्मेदार है, लेकिन अंतिम जांच में वह निर्दोष पाया जाता है, तो उसके परिवार को कितनी तकलीफ होगी। जांच पूरी होने तक गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है।”
अदालत ने माना कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट की गलती का जिक्र करना दुर्भाग्यपूर्ण था।
याचिका और NGO का पक्ष
यह याचिका सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन नामक विमानन सुरक्षा NGO की ओर से कैप्टन अमित सिंह ने दायर की। NGO का कहना है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम जानकारियों को छुपाया है और सीधे-सीधे दोष पायलट पर मढ़ दिया गया है।
प्रशांत भूषण ने कोर्ट में कहा कि —
- हादसे को 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल अधूरी प्रारंभिक रिपोर्ट आई है।
- डिजिटल फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR), कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और इलेक्ट्रॉनिक एयरक्राफ्ट फ़ॉल्ट रिकॉर्डिंग (EAFR) का पूरा डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया।
- जांच टीम में DGCA के तीन अधिकारी शामिल हैं, जबकि DGCA पर ही खामियों का संदेह है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने DGCA और AAIB को नोटिस जारी किया और कहा कि हादसे की जांच एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और शीघ्र होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं की अत्यधिक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग पर सवाल उठते हैं, क्योंकि इससे अफवाहें फैल सकती हैं।
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