अमेरिका अब किसी की मदद नहीं करेगा, अगर देश चाहें तो खुद होर्मुज जाकर तेल ले आएं : डोनाल्ड ट्रंप
CENTRAL NEWS DESK: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अब अमेरिका किसी भी देश की मदद नहीं करेगा। उन्होंने साफ कहा कि देशों को अपनी सुरक्षा और जरूरतों का इंतजाम खुद करना होगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जो देश हॉर्मुज से तेल नहीं ले पा रहे हैं, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं, क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त सप्लाई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश चाहें तो खुद होर्मुज जाकर तेल ले आएं, लेकिन अमेरिका अब उनकी मदद के लिए आगे नहीं आएगा।
ईरान में अमेरिकी हवाई हमला, हथियार भंडार तबाह
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के इस्फहान शहर में अमेरिका ने एक बड़े हथियार भंडार पर हवाई हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया। हमले के बाद कई जोरदार धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे।

ईरान का आरोप: अमेरिका को बातचीत पर भरोसा नहीं
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि जब बातचीत चल रही थी, उसी दौरान हमले किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका कूटनीति पर भरोसा नहीं करता और सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव अमेरिका और उसके सहयोगियों की वजह से है।
तेल संकट गहराया, कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचीं
युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष से मिडिल ईस्ट को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 70% तक कम हो गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।

मिसाइल और ड्रोन हमले तेज, कई देशों ने रोके हमले
कुवैत ने दावा किया कि उसने 5 बैलिस्टिक मिसाइल और 7 ड्रोन मार गिराए। वहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी लगातार अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए हमलों को रोक रहे हैं।
इजराइल के हमले तेज, लेबनान में हालात खराब
Israel (इजराइल) ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। इजराइली सेना का दावा है कि उसने 24 घंटे में 230 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं। लेबनान में इन हमलों के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।
टेक कंपनियों पर हमला करने की धमकी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान का आरोप है कि गूगल, एप्पल और मेटा जैसी कंपनियां सैन्य ऑपरेशन में मदद कर रही हैं।
इंटरनेट पर भी संकट का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। दरअसल, इस समुद्री रास्ते के नीचे फाइबर ऑप्टिक केबल बिछे हैं, जिनसे दुनिया का 95% से ज्यादा डेटा ट्रांसफर होता है।

ईरानी नौसेना प्रमुख तंगसीरी का आज अंतिम संस्कार
ईरान ने कहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी को आज खुजेस्तान प्रांत के शहर अबादान में दफनाया जाएगा। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तंगसीरी का अंतिम संस्कार शुक्रवार को अबादान के चौक में किया जाएगा। इसके बाद उन्हें शहर के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इजराइल का कहना है कि पिछले बुधवार को हुए एक हमले में तंगसीरी मारे गए थे। इस हमले में नौसेना कमांड के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया था।
फ्रांस ने ट्रम्प के आरोपों पर जताई हैरानी
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ट्रम्प के बयान पर हैरानी जताई। फ्रांस ने कहा कि उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह पहले की तरह ही काम कर रहा है।

चीन-पाकिस्तान ने दिया युद्धविराम प्रस्ताव
चीन और पाकिस्तान ने मिलकर 5 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया है। इसमें तुरंत युद्ध रोकने, बातचीत शुरू करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष अब वैश्विक संकट बनता जा रहा है। ऊर्जा, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और तकनीक र क्षेत्र पर इसका असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, क्योंकि कई देश इस संघर्ष में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल होते नजर आ रहे हैं।
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