‘बगावती’ अजित को क्यों ‘भावुक’ कहा था चाचा शरद पवार ने
CENTRAL NEWS DESK: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी को विमान हादसे में मृत्यु हो गई। अजित राजनीति में सालों से थे लेकिन वो चाचा शरद पवार की परछाई के तौर पर इस राजनीतिक दुनिया में आए थे। इन दोनों का रिश्ता सालों तक गुरु शिष्य वाला ही रहा। लेकिन फिर अचानक अजित का मन ऐसा पलटा कि ये चाचा-भतीजा की छवि दुश्मन वाली ही बनी रही।
किताब में खोले थे राज
वरिष्ठ राजनेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार कुछ साल पहले लिखी अपनी किताब लोक माझे संगति में अजित पवार से अपने रिश्ते पर न सिर्फ बात की थी बल्कि कई पन्ने इस रिश्ते पर ही लिख दिए थे।
जब बीजेपी में गए अजित
नवंबर, 2019 में अजित पवार एनसीपी का साथ छोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए थे। मगर ये खबर चाचा शरद को खुद अजित ने नहीं बल्कि किसी ने फोन पर दी थी।
भूकंप के झटके जैसा
शरद ने इस किस्से को अपनी किताब में भूकंप के झटके जैसा माना है। बता दें, उस वक्त अजित ही नहीं कई और एनसीपी विधायकों ने भी बीजेपी ज्वाइन की थी।
भावुक हैं अजित
उस वक्त शरद शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाना चाहते थे। मगर फिर अजित ने गैर बीजेपी सरकार बनाने के वादे के खिलाफ जाकर बड़ा राजनीतिक कदम उठा लिया। इस किस्से से जोड़कर उन्होंने अजित को भावुक कहा था।
