उन्नाव रेप कांड: सेंगर को जमानत मिलते ही इंडिया गेट पहुंची पीड़िता, हिरासत में ली गई

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kuldeep unnao rape case

उम्रकैद की सजा पर लगी रोक, दिल्ली हाई कोर्ट से राहत के बाद राजधानी में बढ़ा सियासी और सामाजिक तनाव.

UNNAO NEWS DESK: देश को झकझोर देने वाले उन्नाव रेप कांड में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। जमानत की खबर सामने आते ही रेप पीड़िता दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचकर धरने पर बैठ गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

दिल्ली हाई कोर्ट से सेंगर को राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर अंतरिम रोक (सस्पेंशन) लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। अदालत ने आदेश दिया कि सेंगर को

  • 15 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड
  • इतनी ही राशि की तीन जमानतें

जमा करने पर रिहा किया जाएगा।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह राहत अपील के अंतिम फैसले तक ही प्रभावी रहेगी। साथ ही सेंगर को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा।

दिल्ली में इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठी उन्नाव रेप कांड की पीड़िता व उसके सहयोगी.

जमानत मिलते ही सड़कों पर उतरी पीड़िता

जैसे ही सेंगर को जमानत मिलने की खबर सामने आई, उन्नाव रेप कांड की पीड़िता दिल्ली में इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठ गई। उसके साथ उसकी मां और महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद थीं। पीड़िता का आरोप है कि जमानत से उसकी जान को खतरा है और न्याय व्यवस्था पर उसका भरोसा डगमगा गया है।

धरने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता व अन्य लोगों को समझाने के बाद पुलिस वाहन में बैठाकर वहां से ले गई। इस घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता व अन्य लोगों को समझाने के बाद पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाती हुई.

क्या था पूरा मामला

उन्नाव रेप कांड वर्ष 2017 में सामने आया था, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उसके साथ बलात्कार किया।

जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने न्याय के लिए कई बार आवाज उठाई। मामला तब और गंभीर हो गया जब:

  • पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई
  • पीड़िता के साथ सड़क हादसा हुआ, जिसमें उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई
  • गवाहों को धमकाने और सबूत मिटाने के आरोप लगे

बढ़ते दबाव के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया और ट्रायल दिल्ली स्थानांतरित किया गया।

वर्ष 2019 में अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, उस पर जुर्माना भी लगाया गया था।

फिर गरमाया उन्नाव मामला

अब जब दिल्ली हाई कोर्ट से सेंगर को जमानत मिली है, तो एक बार फिर यह मामला राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। पीड़िता का धरना इस बात का संकेत है कि उसकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। फिलहाल, सभी की निगाहें हाई कोर्ट में लंबित अपील और आने वाले फैसले पर टिकी हैं।



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