Violence in Ladakh: लेह एपेक्स बॉडी का केंद्र के साथ बैठक से इनकार, गृह मंत्रालय ने कहा – सरकार संवाद के लिए तैयार

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Central News desk: लद्दाख में हालिया हिंसा और बिगड़े हालात के बीच लेह एपेक्स बॉडी ने सोमवार को केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से इंकार कर दिया। संगठन ने साफ किया कि जब तक शांति और सामान्य स्थिति बहाल नहीं होती, तब तक किसी भी वार्ता में हिस्सा नहीं लिया जाएगा। लेह एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष ठुप्स्तान छेवांग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को क्षेत्र में फैले भय, दुख और गुस्से के माहौल को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

गृह मंत्रालय ने किया संवाद पर जोर

वहीं, गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सरकार हमेशा संवाद के लिए तैयार है और दरवाजे खुले हैं। मंत्रालय ने याद दिलाया कि लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से हुए संवाद से पहले भी अच्छे नतीजे मिले हैं।

इन संवादों के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले हुए, जैसे:

  • लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण बढ़ाना
  • ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल में महिलाओं के लिए आरक्षण
  • स्थानीय भाषाओं की सुरक्षा
  • लद्दाख में 1800 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की मांगें

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य गिरफ्तार युवाओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की। वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजा गया था। अलायंस ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा जैसे मुख्य मुद्दों पर कार्रवाई नहीं की, तो लद्दाख की जनता और अधिक नाराज होगी।

हिंसा और भाजपा दफ्तर पर हमला

24 तारीख को लद्दाख की राजधानी लेह में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। भीड़ ने भाजपा के स्थानीय दफ्तर में आग भी लगा दी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

मंत्रालय की भविष्य की रणनीति

गृह मंत्रालय ने भरोसा जताया कि लगातार संवाद और वार्ता से ही लद्दाख की स्थिति सुधरेगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ किसी भी मंच पर बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में निरंतर संवाद से सभी मुद्दों का समाधान निकलेगा और क्षेत्र में शांति कायम होगी।

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