दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: एक ईमेल और पत्र से बेनकाब हुआ बाबा चैतन्यानंद का ‘डर्टी गेम’

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Delhi News Desk: दिल्ली पुलिस ने विवादित बाबा चैतन्यानंद मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार बाबा लंबे समय से छात्राओं के साथ मानसिक, शारीरिक और यौन शोषण का खेल खेल रहा था। अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। ज्यादातर पीड़िताएं गरीब तबके या फौजी परिवारों से आती हैं, जिनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति कमजोर है। यही वजह है कि वे दबाव में चुप रहीं और बाबा का खेल लंबे समय तक चलता रहा।

कैसे हुआ राज़ का पर्दाफाश?

इस गंदे खेल का खुलासा एक पत्र और एक ईमेल से हुआ।

  • 28 जुलाई 2025: एक पूर्व छात्रा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखा, जिसमें उसने बाबा चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
  • 1 अगस्त 2025: भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल आया, जिसमें कहा गया कि कई छात्राओं ने उनके पास भी शिकायत की है। इसमें आरोप था कि बाबा देर रात व्हाट्सएप मैसेज भेजता है और मनमाने निर्णय लेकर छात्राओं को परेशान करता है।

इसके बाद 3 अगस्त को संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने 30 से ज्यादा छात्राओं के साथ वर्चुअल बैठक की, जहां पूरा मामला खुलकर सामने आया।

एफआईआर में दर्ज चौंकाने वाले आरोप

एफआईआर और दर्ज बयानों के मुताबिक:

  • बाबा ने छात्राओं के एजुकेशन सर्टिफिकेट अपने कब्जे में रखे, ताकि वे विरोध न कर सकें।
  • छात्राओं को डर था कि अगर उन्होंने आवाज उठाई तो उनका करियर और पढ़ाई खत्म हो जाएगी।
  • एक छात्रा ने बताया कि पहली मुलाकात में ही बाबा ने उसे अजीब नजरों से देखा और बाद में रात को मैसेज करने लगे — “बेबी, आई लव यू, आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।”
  • जवाब न देने पर वह पुराने मैसेज टैग कर रिप्लाई करने के लिए मजबूर करता था।
  • विरोध करने पर अटेंडेंस और मार्क्स कम कर दिए गए।
  • मार्च 2025 में नई कार की पूजा के नाम पर कुछ छात्राओं को ऋषिकेश ले जाया गया, जहां वापसी में बाबा ने अश्लील टिप्पणियां कीं।
  • महिला स्टाफ ने छात्राओं को मजबूर किया कि वे बाबा के साथ हुई चैट्स डिलीट करें।
  • होली के बाद बाबा ने एक छात्रा को ऑफिस बुलाकर उसका वीडियो बनाया और व्हाट्सएप पर भेजा।
  • जून 2025 में 35 छात्राओं को कमर्शियल ट्रिप पर ऋषिकेश ले जाया गया, जहां बाबा रात को लड़कियों को बुलाता था। विरोध करने वाली छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। कई अहम सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बाबा और उसके सहयोगियों ने संगठित तरीके से छात्राओं का शोषण किया।

पीड़िताओं की मजबूरी

पुलिस को दिए गए बयानों से साफ है कि पीड़ित छात्राएं बेहद मजबूर हालात में थीं। गरीब परिवार और फौजी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे आवाज उठाने से डरती रहीं। संस्थान में जमा असली सर्टिफिकेट और पढ़ाई छिन जाने के डर ने उनकी चुप्पी और लंबी कर दी

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाबा चैतन्यानंद की गिरफ्तारी होगी। जांच एजेंसियां संस्थान के अन्य स्टाफ और मैनेजमेंट की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

यह मामला सिर्फ एक बाबा की करतूत नहीं, बल्कि संस्थागत अपराध का बड़ा उदाहरण है, जहां शक्ति और डर के बल पर मासूम छात्राओं की ज़िंदगियां दांव पर लगा दी गईं।

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