फ्रांस में मस्जिदों के बाहर मिले जानवरों के कटे सिर, रूस की खुफिया एजेंसी पर शक

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Central News Desk: और उसके आसपास के उपनगरों में नौ मस्जिदों के बाहर जानवरों के कटे हुए सिर मिलने से हड़कंप मच गया है। यह घटना सोमवार रात को सामने आई, जिसके बाद देशभर में आक्रोश और तनाव का माहौल फैल गया। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांसीसी पुलिस को शक है कि इस उकसावे वाली घटना के पीछे विदेशी खुफिया एजेंसियों का हाथ है और शक की सुई रूस की खुफिया एजेंसी की ओर जा रही है।

कैसे सामने आया मामला?

मंगलवार सुबह जब लोग मस्जिदों में पहुंचे तो बाहर कटे हुए सूअरों के सिर देखकर दंग रह गए। यह दृश्य बेहद भयावह और साम्प्रदायिक तनाव भड़काने वाला था। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पाया कि घटना में शामिल दो लोग सर्बिया में रजिस्टर्ड कार से आए थे। उन्होंने क्रोएशिया के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और वारदात को अंजाम देने के कुछ ही घंटे बाद बेल्जियम भाग गए।

रूस पर संदेह क्यों?

पुलिस के अनुसार, मस्जिदों के बाहर जानवरों के सिर रखना एक सुनियोजित साम्प्रदायिक साजिश है। इससे पहले भी पेरिस में धार्मिक स्थलों और प्रतीकों को निशाना बनाया गया था। अक्टूबर 2023 में शहर की दीवारों पर डेविड का सितारा बनाया गया था, जिसे यहूदियों पर नाजी अत्याचार की याद से जोड़ा जाता है। मई 2024 में पेरिस के होलोकॉस्ट स्मारक पर लाल हाथों की पेंटिंग कर दी गई थी। इन घटनाओं के तार भी विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ते हैं।

किसान से खरीदे गए सूअरों के सिर

जांच के दौरान एक नॉर्मंडी के किसान ने पुलिस को बताया कि उसने दो अजनबी व्यक्तियों को करीब 10 सूअरों के सिर बेचे थे। ये लोग वही कार चला रहे थे जो सर्बिया में रजिस्टर्ड थी। सीसीटीवी फुटेज में भी यही गाड़ी कई मस्जिदों के पास देखी गई। फुटेज में सफेद टी-शर्ट, टोपी और मास्क पहने एक व्यक्ति को मस्जिद के बाहर सिर रखते और तस्वीर खींचते हुए देखा गया। उसी समय एक अन्य व्यक्ति दूसरी मस्जिद में यही करतूत करता नजर आया।

यूरोप में तनाव की आशंका

इस घटना ने फ्रांस ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का मानना है कि यह कदम केवल धार्मिक उकसावे के लिए नहीं, बल्कि यूरोपीय समाज को बांटने और राजनीतिक अस्थिरता फैलाने की साजिश हो सकता है। रूस की खुफिया एजेंसी पर शक इसलिए गहरा है क्योंकि हाल के दिनों में यूरोप में कई संवेदनशील घटनाओं में उसका नाम सामने आ चुका है।

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