शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने की मांग पर राजनीति गरमाई
Mumbai News Desk: बेंगलुरु मेट्रो के शिवाजीनगर स्टेशन का नाम बदलकर सेंट मैरी रखने की मांग ने कर्नाटक से लेकर महाराष्ट्र तक की राजनीति को गरमा दिया है। कर्नाटक कांग्रेस के विधायक रिज़वान अरशद ने हाल ही में बयान दिया कि स्टेशन का नाम पास ही स्थित ऐतिहासिक सेंट मैरी बेसिलिका के सम्मान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, “यह कदम यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा और क्षेत्र की पहचान को दर्शाएगा।”
सीएम सिद्धारमैया का आश्वासन
मामला तब और तूल पकड़ गया जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सेंट मैरी बेसिलिका के वार्षिक भोज कार्यक्रम में इस नामकरण पर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने चर्च के आर्कबिशप पीटर मचाडो से कहा कि सरकार पिंक लाइन के नए स्टेशन का नाम सेंट मैरी करने पर विचार करेगी।
महाराष्ट्र में मचा बवाल
जैसे ही यह खबर महाराष्ट्र पहुँची, भाजपा और शिवसेना (UBT) नेताओं ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दिया।
- भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस की नियत एक बार फिर साफ हो गई है। शिवाजी महाराज का नाम मिटाने की कोशिश अस्वीकार्य है।”
- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “शिवाजी महाराज के इतिहास को मिटाने वालों को देश कभी माफ़ नहीं करेगा। कांग्रेस बताए कि क्या वह इस मांग का समर्थन करती है?”
शिवसेना का रुख
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता आनंद दुबे ने कहा कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर स्टेशन का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज मेट्रो स्टेशन रखने की मांग करेगी। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि “भाजपा को आग में घी डालने का काम बंद करना चाहिए। जनभावनाओं का सम्मान होना चाहिए, न कि राजनीति।”
विवाद बढ़ने की वजह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक की स्थानीय मांग को महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज से जोड़कर मुद्दा बड़ा कर दिया गया है। शिवाजी महाराज सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश की धरोहर हैं। ऐसे में उनके नाम को हटाने की बात पर आक्रोश होना स्वाभाविक है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
