PM Modi–Shubhanshu Meet: अंतरिक्ष से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने साझा किए अनुभव, पीएम मोदी बोले– गगनयान मिशन के लिए आपका अनुभव अमूल्य

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Central News Desk: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाकर इतिहास रचने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच लगभग 10 मिनट तक गहन और दिलचस्प बातचीत हुई। बातचीत में शुभांशु ने अंतरिक्ष यात्रा के अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए।


उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद शरीर को नए वातावरण के हिसाब से ढलने में समय लगता है। शुरुआत में दिल की धड़कन धीमी हो जाती है और चलना-फिरना बेहद कठिन हो जाता है। शुभांशु ने कहा –
“पहला कदम रखते ही मैं गिरने लगा था, लोगों ने पकड़ रखा था। फिर धीरे-धीरे दूसरा, तीसरा कदम बढ़ा। शरीर तो मजबूत है, पर असली चुनौती दिमाग की रीवायरिंग की होती है। दिमाग को समझाना पड़ता है कि चलने के लिए कितनी ताकत लगानी है।”

इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा में “सिर्फ शरीर का नहीं, दिमाग का अभ्यास और प्रशिक्षण उससे भी ज्यादा जरूरी है।”

अंतरिक्ष स्टेशन पर कैसा होता है रहना?

पीएम मोदी ने उत्सुकता से पूछा कि इतने लंबे मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री कैसे रहते हैं, और जहाज में कितनी जगह होती है?
इस पर शुभांशु ने जवाब दिया –
“लॉन्च के समय 23-24 घंटे एक ही सीट पर रहना पड़ता है। लेकिन अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद आप हार्नेस खोलकर इधर-उधर घूम सकते हैं। थोड़ी जगह होती है, लेकिन उससे लड़ाकू विमान के कॉकपिट की तुलना में यह कहीं ज्यादा आरामदायक है।”

अंतरिक्ष में भोजन – सबसे बड़ी चुनौती

बातचीत में शुभांशु ने अंतरिक्ष में भोजन की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा –
“अंतरिक्ष स्टेशन पर खाना एक बड़ी चुनौती है। जगह कम होती है और हर सामान बेहद महंगा। इसलिए कोशिश रहती है कि कम जगह में ज्यादा से ज्यादा कैलोरी और पोषक तत्व पैक किए जाएं। इसी को लेकर कई तरह के प्रयोग लगातार चल रहे हैं।”

पीएम मोदी ने इस दौरान उन्हें उन प्रयोगों के बारे में भी याद दिलाया जो उन्होंने पहले बताए थे, जैसे मूंग और मेथी उगाने का प्रयास।

गगनयान मिशन को लेकर दुनिया की उत्सुकता

शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारत के गगनयान मिशन को लेकर दुनियाभर में उत्साह है। उन्होंने कहा –
“जहां भी गया, लोग मुझसे गगनयान के बारे में पूछ रहे थे। कई लोग मुझसे भी ज्यादा उत्साहित दिखे और कहने लगे कि जब भी भारत का मानव मिशन जाएगा, हमें न्योता जरूर दें।”

पीएम मोदी ने बढ़ाया हौसला

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु शुक्ला को गले लगाकर उनकी हिम्मत और उपलब्धियों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा –
“आपका अनुभव गगनयान जैसे अभियानों के लिए बहुमूल्य है। आने वाले समय में भारत को 40-50 अंतरिक्ष यात्रियों का एक समूह तैयार करना होगा, जिसमें आपका योगदान बहुत अहम होगा।”

यह मुलाकात न सिर्फ एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री के अनुभव साझा करने का अवसर थी, बल्कि भारत की बढ़ती अंतरिक्ष शक्ति और गगनयान मिशन को लेकर देश और दुनिया की उम्मीदों का भी प्रतीक बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मुलाकात का वीडियो साझा कर कहा कि शुभांशु जैसे अंतरिक्ष यात्री भारत के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

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