एनडीए का पलड़ा भारी, उपराष्ट्रपति पद के लिए सी.पी. राधाकृष्णन बने उम्मीदवार

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उपराष्ट्रपति पद पर अचानक चुनाव की नौबत

Central News Desk: देश में एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते अब इस पद पर नया चुनाव कराना पड़ रहा है। चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त तय की गई है। यदि विपक्ष भी उम्मीदवार उतारता है तो मतदान 9 सितंबर को होगा।

निर्वाचक मंडल और एनडीए की स्थिति

निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य शामिल हैं। जीत के लिए कम से कम 391 वोट की आवश्यकता है, लेकिन एनडीए पहले से ही 422 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहा है। ऐसे में मुकाबले की स्थिति में भी एनडीए उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, क्योंकि यह चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होता है।

एनडीए ने घोषित किया उम्मीदवार – सी.पी. राधाकृष्णन

रविवार को बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औपचारिक रूप से घोषणा की कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है। बताया जा रहा है कि इस नाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुहर लगाई है। नड्डा ने कहा कि गठबंधन में शामिल सभी सहयोगी दलों से चर्चा और सुझाव लेने के बाद सर्वसम्मति से राधाकृष्णन का नाम तय किया गया।

कौन हैं सी.पी. राधाकृष्णन?

सी.पी. राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ। मात्र 16 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और जनसंघ से जुड़कर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की।
बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और लगातार संगठनात्मक व संसदीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई।

1996 – बीजेपी तमिलनाडु के सचिव बने।

1998 व 1999 – कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।

2003–2006 – बीजेपी तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

2004 – संयुक्त राष्ट्र महासभा में संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर भाषण दिया।

ताइवान यात्रा – भारत की पहली संसदीय प्रतिनिधि मंडल यात्रा में शामिल हुए।

राज्यपाल के तौर पर लंबा अनुभव

सी.पी. राधाकृष्णन प्रशासनिक अनुभव में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

18 फरवरी 2023 – 30 जुलाई 2024 तक वे झारखंड के राज्यपाल रहे।

इसी दौरान उन्हें तेलंगाना और पुदुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में पदस्थापित हुए।

एनडीए की रणनीति और विपक्ष की चुनौती

एनडीए की स्थिति निर्वाचक मंडल में बेहद मजबूत है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यदि विपक्ष कोई उम्मीदवार भी खड़ा करता है तो मुकाबले का परिणाम पहले से ही तय माना जाएगा। हालांकि विपक्ष यह दिखाने की कोशिश करेगा कि वह राजनीतिक लड़ाई से पीछे हटने वाला नहीं है।

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अब तस्वीर लगभग साफ हो गई है। एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति चुना जाना तय माना जा रहा है। राजनीति में चार दशकों से अधिक अनुभव रखने वाले राधाकृष्णन संगठन, संसद और राज्यपाल जैसे सभी पदों पर सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में उनकी जीत न केवल एनडीए के लिए बड़ी उपलब्धि होगी बल्कि दक्षिण भारत से पार्टी को नया राजनीतिक संदेश भी मिलेगा।

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