जस्टिस यशवंत वर्मा पर महाभियोग की प्रक्रिया तेज, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
Central News Desk: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, हाई कोर्ट के जस्टिस मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. बी. आचार्य शामिल हैं।
समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपनी होगी। आरोप है कि मार्च 2025 में दिल्ली स्थित सरकारी आवास के एक स्टोररूम से जली और अधजली नकदी बरामद हुई थी, जिस पर जस्टिस वर्मा और उनके परिवार का नियंत्रण था।
समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश होगी, जहां उस पर चर्चा और मतदान होगा। इसके बाद मामला राज्यसभा जाएगा। दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित होने पर जस्टिस वर्मा को पद से हटा दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में सफाई देने का अवसर मिलेगा।
जस्टिस वर्मा के पास इस्तीफा देने का विकल्प भी है। अगर वे महाभियोग पारित होने से पहले इस्तीफा देते हैं, तो उन्हें पेंशन, ग्रैचुएटी और अन्य रिटायरमेंट लाभ मिलते रहेंगे। महाभियोग साबित होने पर ये सभी लाभ समाप्त हो जाएंगे।
महाभियोग प्रस्ताव पर 145 लोकसभा और 63 राज्यसभा सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
