दिल्ली में बड़ा हादसा: हरीनगर में 50 फुट ऊंची दीवार गिरने से महिला समेत आठ लोगों की मौत
भारी बारिश के बीच मौत का मंजर
Delhi News Desk: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर थाना क्षेत्र के हरी नगर गांव में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे उस समय मातम पसर गया, जब बाबा मोहन राम मंदिर के पास स्थित समाधि स्थल की करीब 50 फुट ऊंची दीवार अचानक झुग्गियों पर गिर गई। इन झुग्गियों में कबाड़ी परिवार रहते थे। रात भर हुई भारी बारिश के कारण दीवार कमजोर हो चुकी थी और अचानक ढह गई।
आठ लोगों की मौके पर मौत
दीवार गिरने के बाद झुग्गियों में सो रहे और बैठे लोग मलबे में दब गए। हादसे में कुल आठ लोग दबे, जिन्हें स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल विभाग की मदद से बाहर निकाला गया। सभी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान सभी ने दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में तीन पुरुष, दो महिलाएं, दो लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं:
पुरुष – शबीबुल (30), रबीबुल (30), मुत्तु अली (45)
महिला – रुबीना (25), डॉली (25)
लड़कियां – रुखसाना (6), हसीना (7)
लड़का – हाशिबुल
शुरुआत में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि एक घायल हाशिबुल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया।
अधिकारियों का बयान
एडिशनल डीसीपी साउथ ईस्ट ऐश्वर्या शर्मा ने घटना पर जानकारी देते हुए कहा,“मंदिर के बगल में पुरानी झुग्गियां थीं, जहां कबाड़ी परिवार रहते हैं। रात भर हुई भारी बारिश के कारण दीवार गिर गई। हादसे के बाद आठ लोग दब गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। अब इन झुग्गियों को खाली करा दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो।”
उन्होंने यह भी बताया कि हादसे में 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल थे, जिनकी हालत शुरू से ही नाजुक थी।
पहले मिली थी इमारत गिरने की सूचना
घटना की शुरुआत में पुलिस और दमकल विभाग को यह जानकारी दी गई कि एक इमारत गिर गई है। लेकिन मौके पर जांच करने के बाद पता चला कि यह मंदिर के पास समाधि स्थल की दीवार गिरने का मामला है।
राहत और बचाव अभियान
हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस, NDRF और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का कार्य तुरंत शुरू हुआ और फंसे लोगों को निकाला गया। बारिश और फिसलन भरी जमीन के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मंदिर के पास स्थित पुरानी दीवार जर्जर हालत में थी और कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन इसे मजबूत करने या गिराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
पिछले हादसों की याद ताजा
दिल्ली में दीवार गिरने की घटनाएं नई नहीं हैं। मानसून के दौरान पुराने भवन और दीवारें अक्सर कमजोर हो जाती हैं और हादसे का कारण बनती हैं। इससे पहले भी राजधानी के विभिन्न हिस्सों में ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
