चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के कारनामे हुए चर्चित, कर लिया गया गिरफ्तार
एसआईटी जांच में फर्जी निकला मुकदमा, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
Central News Desk: कमिश्नरेट पुलिस के ऑपरेशन महाकाल के तहत बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर भाजपा नेता रवि सतीजा को झूठे पॉक्सो केस में फंसाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। उनके साथी लवी मिश्रा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
एसआईटी की जांच में यह पूरा प्रकरण फर्जी और साजिशन पाया गया है।
एसआईटी के सामने नहीं आईं पीड़िता और बहन
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए 3 मार्च 2025 को एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान पीड़िता और उसकी बहन को कई बार बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन दोनों पेश नहीं हुईं। दोनों की तलाश अब भी जारी है।
रवि सतीजा पर जनवरी 2024 में दर्ज हुआ था केस
4 जनवरी 2024 को रवि सतीजा पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने घर में काम करने वाली किशोरी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश की। साथ ही अगले दिन तेजाब फेंकने की धमकी भी दी गई।

लेकिन एसआईटी और जांच अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयानों के आधार पर यह पाया कि पूरा मामला झूठा और पूर्व नियोजित था।
हलफनामों में खुद पीड़िता ने किया खुलासा
जांच में सामने आया कि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष है। पूछताछ में उसने दो हलफनामे दिए – एक में स्वीकार किया कि कुछ लोगों के कहने पर उसने आरोप लगाए, और दूसरे में अपनी असली उम्र बताई।
50 लाख की मांग को लेकर बनी साजिश
रवि सतीजा ने आरोप लगाया था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके साथी मुकदमा वापस लेने के लिए 50 लाख रुपये मांग रहे थे। लगातार परेशान होने और अग्रिम जमानत न मिलने के चलते उन्होंने हाईकोर्ट परिसर में सल्फास खाने का भी मन बना लिया था।
ऑपरेशन महाकाल की पहली बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन महाकाल के तहत भूमाफियाओं, वसूलीबाजों और झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्ती की जा रही है। इसी क्रम में यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है।
बुधवार दोपहर 3:02 बजे रवि सतीजा की तहरीर पर अखिलेश दुबे समेत सात नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच के बाद अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को रात में गिरफ्तार कर लिया गया।
विवेचना बर्रा से हटाकर नौबस्ता थाने को सौंपी
वादी रवि सतीजा ने बर्रा थाने की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जांच किसी अन्य थाने से कराने की मांग की थी। डीसीपी साउथ ने मामला नौबस्ता थाना प्रभारी शरद तिलारा को सौंपा। उन्होंने देर रात मौके की जांच कर आरोपियों की तलाश में दबिशें दीं, लेकिन मुख्य आरोपी फरार मिले।
अन्य मामलों में भी जांच जारी
पुलिस के अनुसार, अखिलेश दुबे पर जबरन जमीन कब्जाने और वसूली से जुड़े अन्य गंभीर आरोप भी हैं। इन मामलों की गोपनीय जांच जारी है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
